आरबीआई गवर्नर ने आर्थिक संकेतकों के आधार वर्ष में संशोधन का किया स्वागत
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई), सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार वर्ष में किए गए संशोधन की सराहना की है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा घोषित इस फैसले का उद्देश्य बदलते उपभोग रुझानों और आधुनिक आर्थिक संरचना को बेहतर ढंग से दर्शाना है। मल्होत्रा के अनुसार, आधार वर्ष को अद्यतन करने से घरेलू उपभोग और खर्च के मौजूदा स्वरूपों का अधिक सटीक प्रतिबिंब मिल सकेगा, जो अधिक सटीक मौद्रिक नीति बनाने और आर्थिक विकास को समर्थन देने में सहायक होगा।
गवर्नर ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया केवल वर्ष बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गणना पद्धतियों, वस्तु टोकरी के भार और डेटा स्रोतों में भी व्यापक सुधार शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संशोधन विशेष रूप से सेवाओं, डिजिटल गतिविधियों और नए कारोबारी मॉडलों को बेहतर तरीके से प्रदर्शित करेगा, जिससे अर्थव्यवस्था की वास्तविक गति का आकलन मजबूत होगा। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल मूल्य स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि यह समय के अनुरूप एक स्वागत योग्य बदलाव है जो नीति-निर्माण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगा।

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