शहर के बचाव केंद्र ने झारखंड की तस्करी की गई लड़कियों की बेड़ियाँ तोड़ीं
झारखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से तस्करी कर लाई गई कई लड़कियों को शहर के एक विशेष बचाव केंद्र द्वारा सफलतापूर्वक मुक्त कराया गया है। ये लड़कियाँ कथित तौर पर जबरन श्रम और शोषण के जाल में फँसी हुई थीं, जहाँ उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था। बचाव अभियान के बाद, इन लड़कियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया है और उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की जाँच की जा रही है। प्रशासन ने इस मामले में संलिप्त तस्करों के गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए गहन जाँच शुरू कर दी है।
बचाव केंद्र अब इन लड़कियों के पुनर्वास और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। साथ ही, उन्हें कानूनी सहायता और परामर्श (काउंसलिंग) भी दी जा रही है ताकि वे इस सदमे से उबर सकें। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराज्यीय तस्करी के बढ़ते खतरों और मानव तस्करी को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसी मासूम जिंदगियों को बचाया जा सके।

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