मतदाता सूची पुनरीक्षण पर निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला झारखंड के एक बिंदु छह तीन करोड़ मतदाताओं को कोई भी दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी सीईओ के रवि कुमार ने घोषणा की है कि राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया के तहत झारखंड के एक बिंदु छह तीन करोड़ मतदाताओं को किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए बूथ स्तर के अधिकारियों यानी बीएलओ द्वारा मौजूदा मतदाताओं के विवरण का वर्ष दो हजार तीन की एसआईआर मतदाता सूची के साथ स्व और पैतृक मिलान यानी मैपिंग का पहला सत्र सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस सफल मैपिंग के कारण ही इन मतदाताओं को आगामी पांच अगस्त से तीन अक्टूबर के बीच होने वाली नोटिस और सत्यापन अवधि के दौरान कागजात जमा करने की अनिवार्यता से बड़ी राहत मिली है। राज्य में यह घर-घर जाकर पुनरीक्षण और फॉर्म वितरण का मुख्य कार्य आगामी तीस जून से शुरू होने जा रहा है।
इस चुनावी प्रक्रिया के अंतर्गत लक्षित मतदाताओं को केवल बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर बांटे जाने वाले पहले से भरे हुए प्रगणन फॉर्म को सही-सही भरकर, उस पर हस्ताक्षर करके अपनी हालिया रंगीन तस्वीर के साथ जमा करना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रवासियों, श्रमिकों और राज्य से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे छात्रों के हितों की रक्षा करते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हें मैपिंग के उद्देश्य से बीएलओ के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की कोई बाध्यता नहीं है। वे अपने परिवार के सदस्यों के माध्यम से या आयोग की विशेष डिजिटल कॉलिंग सुविधा का उपयोग करके अपनी मैपिंग आसानी से पूरी करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त जो नए युवा नागरिक आगामी एक अक्टूबर दो हजार छब्बीस को अट्ठारह वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे निर्धारित घोषणा पत्र और आवश्यक सहायक दस्तावेजों के साथ फॉर्म संख्या छह जमा करके मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के पात्र होंगे।

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