बिहार के बाद असम में भी रिहा होंगे प्रदर्शनकारी, केस भी वापस लिए जाएंगे; CJP की चेतावनी के बाद सरकार का फैसला
बिहार और असम सरकार ने नीट-यूजी में अनियमितताओं को लेकर किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को रद करने के साथ ही उन्हें रिहा करने का फैसला किया है। बिहार सरकार ने कहा है कि 26 जुलाई की शाम छह बजे तक दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाएंगे। आंदोलन में नामित लोगों के खिलाफ भविष्य में भी कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी। इससे पहले, दिन में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस कर प्रदर्शनकारियों और आयोजकों पर दर्ज आपराधिक मामलों को वापस नहीं लिए जाने पर नाराजगी जताई थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि मंगलवार तक मांग पूरी न हुई तो फिर से सड़क पर उतरकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

रेत और दलदल में तबाही के निशान… अपनों की तलाश के बीच जिंदगी दोबारा बसाने की जंग
भागलपुर विश्वविद्यालय के क्लर्क ने गलत तरीके से बढ़वाया वेतन, अब जांच पूरी होने तक नहीं मिलेगी सैलरी
कावड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, नीलकंठेश्वर महादेव का हुआ जलाभिषेक
गया जी नगर के पूर्व बीडीओ की संदिग्ध मौत, फरवरी में 50 हजार घूस लेते हुए थे ट्रैप
पटना GPO घोटाले में नया खुलासा! खाते अनफ्रीज कर लाखों की निकासी, तीन कर्मचारी निलंबित
साकची महालक्ष्मी मंदिर में राणी सती दादी का सावन सिंधारा उत्सव