गंडक-बागमती का जलस्तर अब भी खतरे के पार, बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मुश्किलें बरकरार
मुजफ्फरपुर जिले में बाढ़ के हालात से लोगों को अभी पूर्ण राहत मिलती नहीं दिख रही है क्योंकि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र की शाम छह बजे की हालिया रिपोर्ट बताती है कि जिले की मुख्य नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर पानी में धीमी गति से आ रही गिरावट से प्रशासन को थोड़ी राहत जरूर मिली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार रेवा घाट पर गंडक नदी का जलस्तर आज भी खतरे के निशान 54.41 मीटर से ऊपर 54.90 मीटर पर बना हुआ है और उसमें निरंतर गिरावट जारी है, जबकि बेनीबाद में बागमती नदी खतरे के निशान 48.68 मीटर से ऊपर 49.59 मीटर पर बह रही है और वहां भी जलस्तर घटने के संकेत मिल रहे हैं जिस पर प्रशासन लगातार अपनी निगाह बनाए हुए है। इसके विपरीत सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान 52.53 मीटर से नीचे 50.32 मीटर पर है, लेकिन लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, वहीं कटौझा में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 55.00 मीटर से नीचे 54.35 मीटर पर दर्ज किया गया है जिसमें लगातार गिरावट आ रही है। नदियों के जलस्तर के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और सतर्क हो गया है, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है, राहत एवं बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों का यह कहना है कि स्थिति पर नजर रखते हुए प्रभावितों को हरसंभव सहायता दी जा रही है।

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