उत्तर प्रदेश बिहार और झारखंड में सत्रह करोड़ की संपत्ति रखने वाला टाइपिस्ट सतर्कता विभाग (विजीलैंस) की जांच के घेरे में
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही कार्रवाई के तहत सतर्कता विभाग (विजीलैंस) ने जल निगम के एक संविदा टाइपिस्ट के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि इस टाइपिस्ट ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। अधिकारियों के अनुसार, टाइपिस्ट के पास बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग सत्रह करोड़ रुपये की बेनामी और अघोषित संपत्ति होने का अनुमान है।
विजीलैंस की शुरुआती जांच में पता चला है कि टाइपिस्ट ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर कई भूखंड (प्लॉट्स), आलीशान मकान और बैंक खातों में भारी जमा राशि निवेश की है। विभाग ने इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की है और टाइपिस्ट की संपत्तियों के दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है। यह मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि एक मामूली पद पर तैनात व्यक्ति द्वारा इतनी बड़ी संपत्ति बनाना बड़े भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है। विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस घोटाले में कुछ बड़े अधिकारी भी शामिल थे।

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