महेंद्र सिंह धोनी बने बिहार-झारखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता, आयकर विभाग ने जुटाए बीस हजार करोड़ रुपये
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी वित्तीय वर्ष दो हजार पच्चीस-छब्बीस में बिहार और झारखंड क्षेत्र के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता बनकर उभरे हैं. रांची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के दौरान बिहार और झारखंड से कुल मिलाकर लगभग बीस हजार करोड़ रुपये का आयकर एकत्र किया गया है. इस कुल कर संग्रह में से अकेले झारखंड का योगदान लगभग बारह हजार करोड़ रुपये रहा, जो कुल संग्रह का तकरीबन साठ प्रतिशत हिस्सा है. अधिकारियों के अनुसार, कुल राजस्व का लगभग सत्तर प्रतिशत हिस्सा स्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस के माध्यम से प्राप्त हुआ है. हालांकि, नियमों के कारण विभाग ने धोनी द्वारा भुगतान की गई सटीक कर राशि का खुलासा नहीं किया.
आयकर विभाग ने यह भी जानकारी दी कि झारखंड में इस वर्ष भारी बारिश के कारण खनन गतिविधियां आंशिक रूप से प्रभावित हुईं, जिसका असर कर संग्रह के आंकड़ों पर भी पड़ा, लेकिन आगामी वर्ष में इसके बीस हजार करोड़ रुपये के पार जाने की उम्मीद है. कॉर्पोरेट क्षेत्र में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड और सीएमपीडीआई क्षेत्र के सबसे बड़े करदाताओं में शामिल रहे. विभाग ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि दोनों राज्यों में कुल मिलाकर लगभग साढ़े पांच करोड़ पैन कार्ड धारक हैं, लेकिन इनमें से केवल चालीस लाख लोग ही वास्तव में अपना आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं. इसके अलावा, यह घोषणा आयकर अधिनियम दो हजार पच्चीस के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक के दौरान की गई, जो छह दशक से अधिक पुराने आयकर अधिनियम एक सौ इकसठ की जगह लेगा.

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