FSL भर्ती परीक्षा रद्द होने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, सरकार और JPSC से जवाब तलब
झारखंड हाईकोर्ट ने FSL में असिस्टेंट डायरेक्टर सह सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा (10/2025) को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थी को फिलहाल किसी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। साथ ही राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की गई है।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने अदालत को बताया कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता का उल्लेख होने मात्र से पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को समाप्त करने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए अदालत के समक्ष अपनी दलील रखी।
वहीं, JPSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर असिस्टेंट डायरेक्टर सह सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा (बैकलॉग) को रद्द कर दिया है। इसी अधिसूचना को प्रार्थी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
गौरतलब है कि प्रार्थी मुनिंद्र प्रकाश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की है। फिलहाल अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

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