पश्चिम सिंहभूम ट्रेजरी घोटाला मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
झारखंड पुलिस ने पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा कोषागार (ट्रेजरी) से सरकारी धन की अवैध निकासी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी देवनारायण मुर्मू सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मुर्मू, जो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा विभाग में कॉन्स्टेबल अकाउंटेंट के पद पर तैनात था, पर छब्बीस लाख इक्कीस हजार सात सौ सत्रह रुपये का गबन करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पिछले लगभग नौ वर्षों (दो हजार सत्रह से दो हजार पच्चीस) के दौरान विभागीय कंप्यूटर डेटा और आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी धन को अपने और अपने रिश्तेदारों के निजी खातों में डायवर्ट किया।
जांच में खुलासा हुआ है कि मुर्मू ने मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुकंपा राशि और अन्य पुलिस कर्मियों के यात्रा भत्ते के रिकॉर्ड बदलकर उनमें अपने परिचितों के बैंक खाते डाल दिए थे। चाईबासा कोषागार अधिकारी सुमित कुमार सिंह की शिकायत पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद मंगलवार, अट्ठाइस अप्रैल को मुर्मू के साथ उसके रिश्तेदार अरुण कुमार मार्डी, सरकार हेंब्रम और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद झारखंड के वित्त मंत्री ने सभी जिला कोषागारों के व्यापक ऑडिट के आदेश दिए हैं, ताकि इस तरह के वित्तीय धोखाधड़ी के अन्य मामलों का पता लगाया जा सके।

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