टाटा स्टील को बड़ा झटका झारखंड सरकार ने भेजा १७५५ करोड़ का नोटिस कंपनी कानूनी चुनौती देने की तैयारी में
झारखंड के खनन विभाग ने देश की दिग्गज स्टील कंपनी टाटा स्टील को १७५५ करोड़ रुपये से अधिक का डिमांड नोटिस भेजा है। ६ अप्रैल २०२६ को सामने आई जानकारी के अनुसार, यह मामला कंपनी की ‘वेस्ट बोकारो कोलियरी’ से जुड़ा है। प्रशासन का आरोप है कि वित्तीय वर्ष २०००-०१ से २००६-०७ के बीच कंपनी ने निर्धारित सीमा से लगभग १६.२४ मिलियन मेट्रिक टन अधिक कोयले का खनन किया है। जिला खनन कार्यालय द्वारा ३० मार्च २०२६ को जारी किए गए इस नोटिस में कथित अतिरिक्त उत्पादन और उससे होने वाले राजस्व नुकसान के आधार पर कुल १७५५.१० करोड़ रुपये की मांग की गई है।
टाटा स्टील ने इस नोटिस को “अन्यायपूर्ण” बताते हुए दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि यह डिमांड तथ्यात्मक रूप से गलत और कानूनी आधार पर कमजोर है। कंपनी अब इस मामले को न्यायिक या अर्ध-न्यायिक मंचों पर चुनौती देने के लिए कानूनी विशेषज्ञों के साथ रणनीति तैयार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों (कॉमन कॉज बनाम भारत संघ) के संदर्भ में की गई है, जहाँ अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया था। इस मामले का परिणाम न केवल टाटा स्टील के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह अन्य खनन कंपनियों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है, क्योंकि ऐतिहासिक रिकॉर्ड की पुन: जांच से पूरे सेक्टर में नियामक बदलाव की संभावना बढ़ गई है।

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