चाइबासा में 10 लाख के इनामी माओवादी ने सरेंडर किया
झारखंड में चल रहे एंटी नक्सल अभियान के बीच सुरक्षाबलों और पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चाईबासा पुलिस के सामने शुक्रवार को 10 लाख रुपये के इनामी माओवादी जोनल कमांडर सालूका कायम ने सरेंडर कर दिया। उसके साथ उसकी पत्नी पिंकी और एक अन्य माओवादी कोदोमुनी कोड़ा ने भी आत्मसमर्पण किया। पुलिस के मुताबिक, इस आत्मसमर्पण के बाद सारंडा के जंगलों और चाईबासा क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान को बड़ी उपलब्धि मिली है। पुलिस के सामने तीनों के आत्मसमर्पण को क्षेत्र में माओवादी संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सालूका कायम लंबे समय से संगठन से जुड़ा बताया जाता है और उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके सरेंडर से सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से सक्रिय था सालूका कायम सालूका कायम को माओवादी संगठन का जोनल कमांडर बताया गया है। वह लंबे समय से चाईबासा और सारंडा के जंगलों में संगठन की गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही थीं। सारंडा का घना जंगल लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र रहा है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षाबलों के लिए यहां अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में संगठन के एक इनामी जोनल कमांडर का पुलिस के सामने आत्मसमर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है। पत्नी पिंकी ने भी किया आत्मसमर्पण सालूका कायम के साथ उसकी पत्नी पिंकी ने भी पुलिस के सामने सरेंडर किया। इसके अलावा कोदोमुनी कोड़ा ने भी आत्मसमर्पण किया है।

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