मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाइपास ने बोकारो में उन्नत कैंसर, यूरो-ऑन्कोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी सेवाओं पर दिया जोर
पूर्वी भारत में कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियां लगातार गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में बिहार और झारखंड के मरीजों के लिए विशेषज्ञ जांच, उन्नत सर्जिकल विशेषज्ञता और समग्र उपचार सुविधाओं तक समय पर पहुंच बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य के तहत, भारत के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक मणिपाल हॉस्पिटल्स ग्रुप का हिस्सा मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाइपास ने बोकारो में एक संवादात्मक सत्र का आयोजन किया। इस दौरान मणिपाल हॉस्पिटल्स के व्यापक कैंसर उपचार, यूरो-ऑन्कोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने जटिल और गंभीर बीमारियों के उपचार में हो रही प्रगति पर चर्चा की।
इस संवादात्मक सत्र में डॉ. सौरव दत्ता, निदेशक, मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर, ब्रॉडवे एवं मुकुंदापुर क्लस्टर, कोलकाता; डॉ. अभय कुमार, विभागाध्यक्ष – यूरोलॉजी, यूरो-ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; और डॉ. अरुणांशु ढोले, वरिष्ठ सलाहकार – कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाइपास ने हिस्सा लिया।
विशेषज्ञों ने जटिल कैंसर, यूरोलॉजिकल कैंसर तथा गंभीर हृदय एवं छाती से जुड़ी बीमारियों के उपचार में समय पर निदान, विशेषज्ञ सर्जिकल हस्तक्षेप और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के समन्वित उपचार के महत्व पर चर्चा की। भारत सरकार के अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2022 में बिहार में कैंसर के 1,09,274 नए मामलों और झारखंड में 35,860 नए मामलों का अनुमान लगाया गया था। यह दोनों पड़ोसी राज्यों में कैंसर उपचार की महत्वपूर्ण आवश्यकता को दर्शाता है। बिहार के राज्य स्वास्थ्य कार्यक्रम में भी हृदय संबंधी बीमारियों को गैर-संचारी रोगों से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है, जिससे समय पर हृदय संबंधी उपचार और उचित रेफरल की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
कैंसर के लिए विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता पर बात करते हुए डॉ. सौरव दत्ता ने कहा, “कैंसर के उपचार में शुरुआती निदान, सटीक स्टेजिंग और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के समन्वित दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोलकाता स्थित मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर में विभिन्न विशेषज्ञताओं के 20 से अधिक कैंसर विशेषज्ञ एक साथ काम करते हैं। इससे बिहार, झारखंड और पूरे पूर्वी भारत के मरीजों को क्षेत्र के भीतर ही विशेषज्ञ और व्यापक कैंसर उपचार उपलब्ध हो सकता है, जिससे उन्हें इलाज के लिए पूर्वी भारत से बाहर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। हमारा प्रयास सर्जिकल, मेडिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के साथ-साथ सहायक उपचार को एक साथ लाकर मरीजों के लिए एक समन्वित उपचार प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।”
झारखंड से ताल्लुक रखने वाले डॉ. अभय कुमार ने कहा, “झारखंड से होने के कारण मैं इस क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझता हूं। कोलकाता में हमारी अच्छी तरह जुड़ी हुई चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से मरीजों को उन्नत कैंसर उपचार तक बेहतर पहुंच मिलती है। हमारे व्यापक कैंसर उपचार तंत्र के साथ रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी, विशेष रूप से यूरो-ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में, एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में सामने आई है। यह जटिल प्रक्रियाओं में अधिक सटीकता, बेहतर सर्जिकल परिणाम और मरीजों की तेजी से रिकवरी में मदद कर सकती है। हाल के वर्षों में हमारी टीम ने पूर्वी भारत में रोबोटिक-असिस्टेड यूरो-ऑन्कोलॉजी सर्जरी और प्रक्रियाओं की सबसे अधिक संख्या की है। हम झारखंड और पूर्वी भारत के मरीजों तक उन्नत और तकनीक-आधारित कैंसर उपचार को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा उद्देश्य उन्नत कैंसर उपचार को मरीजों के और करीब लाना है।”
हृदय संबंधी बीमारियां भी पूरे भारत में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई हैं और बिहार में भी इनका पर्याप्त बोझ देखने को मिलता है। वर्ष 2022 में बिहार के गैर-संचारी रोग क्लीनिकों में उपचार के लिए पहुंचे 11,125 मरीजों में हृदय संबंधी बीमारियों का निदान किया गया। यह आंकड़ा समय पर निदान, विशेषज्ञ मूल्यांकन और उन्नत हृदय उपचार तक पहुंच की आवश्यकता को रेखांकित करता है। जटिल हृदय, रक्तवाहिका और छाती से जुड़ी बीमारियों वाले मरीजों के लिए समय पर रेफरल और विशेषज्ञ सर्जिकल सेवाओं तक पहुंच उपचार में देरी को कम करने और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्नत कार्डियोथोरेसिक उपचार के दायरे पर विस्तार से बताते हुए डॉ. अरुणांशु ढोले ने कहा, “कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी में कई तरह की जटिल प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें कोरोनरी बाईपास सर्जरी, हृदय के वाल्व से जुड़ी प्रक्रियाएं और प्रमुख रक्तवाहिका एवं छाती की सर्जरी शामिल हैं। ये सभी प्रक्रियाएं हमारी यूनिट में विभिन्न विशेषज्ञताओं वाली चिकित्सा टीम और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के सहयोग से की जा सकती हैं। ऐसी जटिल स्थितियों के प्रबंधन के लिए केवल सर्जिकल विशेषज्ञता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शुरुआती निदान, विस्तृत सर्जरी-पूर्व मूल्यांकन, विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच समन्वित निर्णय और व्यापक सर्जरी-पश्चात देखभाल भी आवश्यक है। उन्नत सर्जिकल सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सा टीमों की उपलब्धता के साथ, मरीजों को मणिपाल हॉस्पिटल्स की कोलकाता स्थित यूनिट्स में अपने घर के अपेक्षाकृत करीब एक समग्र और समन्वित उपचार प्रक्रिया मिल सकती है।”
इस संवादात्मक सत्र ने बिहार और झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया। मणिपाल हॉस्पिटल ईएम बाइपास की विशेषज्ञ चिकित्सा क्षमताओं के माध्यम से मरीजों को क्षेत्र के भीतर ही उन्नत कैंसर, यूरो-ऑन्कोलॉजी, रोबोटिक और कार्डियोथोरेसिक उपचार सेवाओं तक पहुंच मिल सकती है।
