कुष्ठ रोग अभिशाप नहीं, एमडीटी दवा से होता है इलाज : संजय सरदार
पूर्वी सिंहभूम जिले में कुष्ठ रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने और इस बीमारी से जुड़े सामाजिक भ्रम एवं भेदभाव को दूर करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (एमडीटी) 100 दिवसीय कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के नौवें दिन शुक्रवार को पोटका प्रखंड के सानग्राम गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार और इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देशानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों एवं जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को बताया कि कुष्ठ रोग न तो कोई अभिशाप है और न ही पिछले जन्म का पाप। यह बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है, जिसका इलाज संभव है। मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) दवाओं के नियमित सेवन से कुष्ठ रोग ठीक हो सकता है। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू होने से दिव्यांगता के खतरे को कम किया जा सकता है।
शरीर पर दाग और सुन्नपन दिखे तो कराएं जांच
सानग्राम के मुखिया संजय सरदार ने ग्रामीणों से अपील की कि शरीर पर किसी भी प्रकार का दाग दिखाई देने और उस स्थान पर निश्चित रूप से सुन्नपन महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करें। ऐसे लक्षण कुष्ठ रोग के संकेत हो सकते हैं। इसलिए बिना देर किए चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग का उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क उपलब्ध है। लोगों को बीमारी छिपाने के बजाय समय पर जांच और इलाज कराना चाहिए।
मिथकों और दिव्यांगता के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम में उपमुखिया पदो हंसदा ने कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक मिथकों और इससे होने वाली दिव्यांगता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को बीमारी के प्रति सही जानकारी अपनाने और कुष्ठ प्रभावित लोगों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करने का संदेश दिया।
वहीं, एमपीडब्ल्यू उपेन्द्रनाथ मोदिना ने उपस्थित लोगों को ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ अभियान की गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह 100 दिवसीय जागरूकता अभियान 10 अक्टूबर 2026 से 30 जनवरी 2027 तक चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करना, बीमारी की शीघ्र पहचान को बढ़ावा देना और प्रभावित व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना है।
सेल्फ केयर और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की दी जानकारी
एमपीडब्ल्यू तुषार मंडल ने कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के लिए सेल्फ केयर यानी स्वयं की देखभाल के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि नियमित देखभाल से दिव्यांगता और उससे जुड़ी जटिलताओं को रोकने में मदद मिल सकती है। साथ ही उन्होंने रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उपयुक्त मामलों में इस सर्जरी के माध्यम से कुष्ठ रोग से उत्पन्न कुछ शारीरिक विकृतियों को ठीक करने में मदद मिलती है।
उन्होंने सहियाओं को कुष्ठ रोग विभाग की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के संबंध में भी जानकारी दी, ताकि वे अपने क्षेत्र में लोगों को बीमारी की पहचान, जांच और उपचार के लिए प्रेरित कर सकें।
स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों का रहा योगदान
सानग्राम में आयोजित रात्रि चौपाल को सफल बनाने में एमपीडब्ल्यू उपेन्द्रनाथ मोदिना, मुखिया संजय सरदार, देवाशीष भगत, पलास मंडल, दीपांकर, तुषार मंडल, एलटी अंबुज गोप सहित ग्रामीणों का योगदान रहा। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि कुष्ठ रोग का समय पर इलाज कराकर दिव्यांगता से बचाव किया जा सकता है और बीमारी से प्रभावित लोगों को सम्मान एवं सहयोग देना समाज की जिम्मेदारी है।

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