रांची में नशे के बढ़ते कारोबार पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त सरकार को दिया सख्त कार्रवाई का निर्देश
झारखंड उच्च न्यायालय ने रांची और राज्य के अन्य हिस्सों में बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ७ अप्रैल २०२६ को मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। अदालत ने गौर किया कि हाल के महीनों में राजधानी रांची में गांजा, ब्राउन शुगर और प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है, जो समाज के लिए एक गंभीर खतरा है।
अदालत ने राज्य सरकार द्वारा नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने और जांच के लिए तैयार किए गए ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया। कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल छोटे तस्करों को पकड़ने से यह समस्या हल नहीं होगी; सरकार को उन ‘बड़ी मछलियों’ और सिंडिकेट तक पहुँचना होगा जो राज्य के बाहर से इस नेटवर्क को चला रहे हैं। इसके साथ ही, अदालत ने नशीली दवाओं के कारोबार में ‘मनी ट्रेल’ (पैसे के लेन-देन) की जांच करने और स्कूली बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने का भी सुझाव दिया।

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