झारखंड उच्च न्यायालय की टिप्पणी: ईडी कार्यालय पर राज्य पुलिस की छापेमारी पूर्व-नियोजित थी
झारखंड उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पर राज्य पुलिस द्वारा की गई छापेमारी पूरी तरह से पूर्व-नियोजित प्रतीत होती है। अदालत ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से पुलिस बल ने केंद्रीय एजेंसी के दफ्तर में प्रवेश किया, वह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं लगता। न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच इस तरह का टकराव संवैधानिक ढांचे और प्रशासनिक समन्वय के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, जिससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरी आपत्ति जताई। पीठ ने उल्लेख किया कि बिना ठोस आधार और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय पर इस तरह की दबिश देना कानून व्यवस्था के सिद्धांतों के खिलाफ है। अदालत के अनुसार, इस घटनाक्रम से ऐसा संकेत मिलता है कि यह कार्रवाई किसी विशेष उद्देश्य से प्रेरित थी। इस निर्णय के माध्यम से न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जांच एजेंसियों के बीच आपसी सहयोग होना चाहिए न कि एक-दूसरे के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश।

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