झारखंड से तस्करी कर लाई गई आदिवासी महिला दिल्ली में गंभीर शोषण के बाद बचाई गई
झारखंड की एक आदिवासी महिला, जिसे नाबालिग उम्र में बेहतर भविष्य के बहाने दिल्ली तस्करी कर लाया गया था, को हाल ही में उसके नियोक्ता के घर से बेहद दयनीय स्थिति में बचाया गया है। पीड़िता के साथ न केवल शारीरिक मारपीट की गई, बल्कि उसे बंधक बनाकर रखा गया और वर्षों तक उसके वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया। दिल्ली पुलिस और स्थानीय एनजीओ के संयुक्त अभियान के बाद इस अमानवीय कृत्य का खुलासा हुआ। मेडिकल रिपोर्ट में महिला के शरीर पर चोटों और कुपोषण के गंभीर निशान पाए गए हैं, जो लंबे समय तक चले शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की पुष्टि करते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर झारखंड जैसे राज्यों से होने वाली मानव तस्करी और बड़े शहरों में घरेलू सहायकों के रूप में काम करने वाले आदिवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने आरोपी नियोक्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और तस्करी के मुख्य नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने पीड़िता को तुरंत चिकित्सा सहायता और पुनर्वास प्रदान करने का आश्वासन दिया है। यह मामला संगठित अपराध के खिलाफ कड़े कानूनों के कार्यान्वयन और कमजोर समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए और अधिक सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

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