झारग्राम में पीएम मोदी का झालमुरी पड़ाव और राजनीतिक विवाद बंगाल चुनाव में तनाव तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने १९ अप्रैल, २०२६ को पश्चिम बंगाल के झारग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान एक स्थानीय स्टाल पर रुककर ‘झालमुरी’ का आनंद लिया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रही हैं। हालांकि, इस अनौपचारिक पल के बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया जब झारखंड के मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को बंगाल में उतरने की अनुमति नहीं दी गई। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार जानबूझकर विपक्षी नेताओं के प्रचार में बाधा डाल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी ने इस मामले में चुनाव आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है और इसे संघीय ढांचे पर हमला करार दिया है।
विवाद तब और गहरा गया जब भाजपा ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों और प्रधानमंत्री के रूट प्रोटोकॉल के चलते ३ किलोमीटर के दायरे में किसी अन्य वीआईपी आवाजाही की अनुमति नहीं थी। झारग्राम में आगामी २५ अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है। टीएमसी के सूत्रों का दावा है कि उनके नेता को कम से कम २ जनसभाएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे पार्टी को चुनावी नुकसान हुआ है। इस बीच, चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से अगले २४ घंटों के भीतर इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बंगाल के इस चुनावी रण में वार-पलटवार का सिलसिला अब और भी आक्रामक हो गया है।

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