हेमंत सोरेन का शीश महल विवाद झारखंड में ६९ करोड़ रुपये के नए मुख्यमंत्री आवास पर सियासी घमासान
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए ६९ करोड़ रुपये की लागत से एक नए आलीशान आवासीय परिसर के निर्माण की योजना ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों ने इस परियोजना की तुलना दिल्ली के विवादास्पद ‘शीश महल’ से करते हुए सरकार पर जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। यह नया परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं, उच्च-स्तरीय सुरक्षा प्रणालियों और विशाल कार्यालय क्षेत्रों से सुसज्जित होगा। विरोधियों का तर्क है कि जहां राज्य की एक बड़ी आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, वहां मुख्यमंत्री के लिए इतना महंगा आवास बनाना नैतिकता के खिलाफ है।
दूसरी ओर, सत्ताधारी दल और सरकारी अधिकारियों ने इस परियोजना का बचाव करते हुए कहा है कि वर्तमान मुख्यमंत्री आवास काफी पुराना हो चुका है और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अपर्याप्त है। उनके अनुसार, ६९ करोड़ रुपये का यह निवेश केवल निवास के लिए नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित सचिवालय और भविष्य की प्रोटोकॉल आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस नए निर्माण से कामकाज में कुशलता आएगी और आधिकारिक बैठकों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी। फिलहाल, इस ‘शीश महल’ विवाद ने आगामी चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में भ्रष्टाचार और फिजूलखर्ची की बहस को फिर से गरमा दिया है।

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