झारखंड राष्ट्रीय लोक अदालत २०२६ रिकॉर्ड १.५ लाख से अधिक मामलों का निपटारा
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के तत्वावधान में आयोजित वर्ष २०२६ की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय वितरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। इस दौरान राज्य भर की विभिन्न अदालतों में लंबित और मुकदमे से पूर्व (pre-litigation) के १,५८,४३२ से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और झालसा के संरक्षक-प्रमुख के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कानूनी बोझ को कम करना और आम जनता को त्वरित व सस्ता न्याय प्रदान करना था।
इस लोक अदालत में मुख्य रूप से वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस (एनआई एक्ट), राजस्व मामले, बिजली बिल विवाद और दुर्घटना दावा जैसे मामलों की सुनवाई की गई। आंकड़ों के अनुसार, समझौतों के माध्यम से कुल १२५ करोड़ रुपये से अधिक की राशि का निपटान किया गया, जिससे हजारों परिवारों को वर्षों से चल रहे कानूनी विवादों से मुक्ति मिली। लोक अदालत की इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि सौहार्दपूर्ण समाधान न केवल न्यायपालिका का समय बचाता है, बल्कि समाज में सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने इस मंच का लाभ उठाते हुए अपने लंबित विवादों को बिना किसी अतिरिक्त अदालती शुल्क के समाप्त किया।

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