गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध के बाद प्रशासन अलर्ट
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी. आगामी होली त्योहार को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की मिलावटी सामग्री की बिक्री पर रोक लग सके. झारखंड में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के निर्देश पर पूरे राज्य में निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. प्रतिबंध लागू होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. प्रशासन की सख्ती, जगह-जगह छापेमारी गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध के बाद प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है| रांची जिले में अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची के निर्देश पर जांच टीम लगातार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और कोटपा 2003 के तहत छापेमारी कर रही है. इस दौरान कुल 22 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 7 खाद्य प्रतिष्ठान थे। मिठाई, पेड़ा, लड्डू, बुंदिया, गाजा आदि खाद्य पदार्थों का निरीक्षण किया गया तथा दुकानदारों को साफ-सफाई रखने तथा अखाद्य रंगों का प्रयोग नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई। खाद्य लाइसेंस नहीं दिखाने पर तीन दुकानों को नोटिस जारी किया गया, जबकि कोटपा अधिनियम 2003 का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानदारों से कुल 1400 रुपये जुर्माना वसूला गया। एक घायल दुकानदारों को दी गई सख्त चेतावनी निरीक्षण के दौरान सभी खाद्य सामग्री विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई कि निकोटिन युक्त गुटखा एवं पान मसाला नहीं बेचेंगे। अगर किसी भी दुकान में प्रतिबंधित पदार्थ बिकते पाए गए तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन, तंबाकू नियंत्रण सेल के जिला सलाहकार सुशांत कुमार, खाद्य सुरक्षा कार्यालय के कर्मी शिवनंदन यादव एवं सजल श्रीवास्तव के साथ-साथ कोतवाली थाने के पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल भी शामिल थे।

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