राजधानी और संपूर्ण क्रांति फुल, फिर भी दीवाली-छठ पर बिहार आने वालों के लिए इन स्पेशल ट्रेनों में अभी आसानी से मिल रही है सीट
दिवाली और छठ महापर्व के पावन अवसर पर अपने घर बिहार लौटने वाले यात्रियों के सामने भारी परेशानियां खड़ी हो गई हैं क्योंकि दिल्ली से पटना आने वाली कई प्रमुख रेगुलर ट्रेनों में अब एसी श्रेणी के टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस जैसी लगभग एक दर्जन ट्रेनों में एक से सात नवंबर तक के लिए एसी कोच की सीटें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं, कई तिथियों पर बुकिंग बंद कर दी गई है, कुछ ट्रेनों में रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है और स्लीपर क्लास में भी लंबी वेटिंग चल रही है। हालांकि यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि रेलवे द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्पेशल ट्रेनों में अभी भी टिकटों की उपलब्धता बनी हुई है और इसके अलावा दिल्ली से बिहार आने वाली बसों में भी कुछ चुनिंदा रूटों पर सीटें खाली हैं, जिसे लेकर पूर्व मध्य रेल की सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने जानकारी दी है कि यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों के फेरे और संख्या बढ़ाई जाएगी। दीवाली और छठ के इस त्योहारी माहौल के दौरान दिल्ली से पटना आने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है जिसका सीधा असर सीटों की उपलब्धता पर साफ नजर आ रहा है, जैसे राजेंद्रनगर तेजस राजधानी के एसी-2 कोच में एक से तीन नवंबर तक लंबी वेटिंग चल रही है और चार से सात नवंबर तक नो रूम की स्थिति घोषित की जा चुकी है। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि एक से चार नवंबर तक इसके एसी-2 टियर और इकोनॉमी क्लास में नो रूम आ रहा है, जबकि एसी-1 में चार से सात नवंबर तक रिग्रेट दिख रहा है जिसका आशय यह है कि इन तारीखों पर अब सामान्य तरीके से टिकट बुक नहीं किया जा सकता। डिब्रूगढ़ राजधानी के एसी-1 में एक से तीन नवंबर तक वेटिंग है और चार से सात नवंबर तक नो रूम है, जबकि श्रमजीवी एक्सप्रेस के एसी-1 में एक से तीन नवंबर तक वेटिंग टिकट मिल रहा है और चार से सात नवंबर तक रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली से बिहार आने वाली अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी सीटों का भारी टोटा है क्योंकि महानंदा एक्सप्रेस में एक से तीन नवंबर तक वेटिंग है और चार नवंबर की बुकिंग पूरी तरह बंद है। नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस और सीमांचल एक्सप्रेस में भी एक से तीन नवंबर तक वेटिंग चल रही है और चार नवंबर को दोनों ही ट्रेनों में नो रूम हो चुका है। विक्रमशिला एक्सप्रेस के एसी-1 में एक, दो और चार नवंबर को वेटिंग चल रही है तथा तीन और पांच से सात नवंबर तक रिग्रेट की स्थिति है, वहीं पूर्वा एक्सप्रेस में चार, पांच और सात नवंबर को एसी-1 और एसी-2 टियर में नो रूम है, हालांकि इसके स्लीपर क्लास में अभी भी वेटिंग टिकट उपलब्ध है और अमृत भारत एक्सप्रेस में एक से पांच नवंबर तक वेटिंग टिकट मिल रहा है जिसकी अधिकतम वेटिंग 159 तक पहुंच चुकी है। नियमित ट्रेनों में सीट कन्फर्म न होने की स्थिति में यात्री स्पेशल ट्रेनों में अपनी सीटों की उपलब्धता देख सकते हैं क्योंकि रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं जिसमें दिल्ली और बिहार के बीच चलने वाली विशेष गाड़ियां शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन स्पेशल ट्रेनों में अभी टिकट आसानी से मिल रहे हैं जिनमें चंडीगढ़-पटना स्पेशल (गुरुवार), पटना-चंडीगढ़ स्पेशल (शुक्रवार), फिरोजपुर कैंट-पटना स्पेशल (मंगलवार), पटना-फिरोजपुर कैंट स्पेशल (बुधवार), आनंद विहार-जोगबनी स्पेशल (शनिवार), जोगबनी-आनंद विहार स्पेशल (रविवार), आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल (मंगलवार और शुक्रवार), मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल (बुधवार और शनिवार), दिल्ली-सीतामढ़ी स्पेशल (गुरुवार), सीतामढ़ी-दिल्ली स्पेशल (शनिवार), आनंद विहार-लौकहा बाजार स्पेशल (प्रतिदिन), लौकहा बाजार-आनंद विहार स्पेशल (प्रतिदिन), ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर स्पेशल (रविवार), मुजफ्फरपुर-ऋषिकेश स्पेशल (सोमवार), और आनंद विहार-पाटलिपुत्र स्पेशल (प्रतिदिन) शामिल हैं। किसी भी ट्रेन में टिकट बुक करने से पहले सभी यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की तारीख, ट्रेन के समय और सीटों की वर्तमान स्थिति को जरूर जांच लें क्योंकि त्योहारों के इस दौर में सीटों की उपलब्धता बहुत तेजी से बदलती रहती है। दिवाली और छठ के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होती है जिसके कारण नियमित ट्रेनों पर दबाव बढ़ना एक स्वाभाविक बात है, और इस बार भी दिल्ली से पटना आने वाली कई गाड़ियों में एसी टिकट की भारी कमी हो गई है जिस पर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का आश्वासन दिया है। यात्रियों के लिए यही बेहतर रहेगा कि वे अपने सफर की अग्रिम योजना बना लें और नियमित ट्रेनों में सीट न मिलने पर स्पेशल ट्रेनों और बसों के विकल्पों का उपयोग करें, साथ ही टिकट की अंतिम उपलब्धता और बुकिंग की वास्तविक स्थिति को संबंधित रेलवे या बस बुकिंग प्लेटफॉर्म पर जाकर अवश्य सत्यापित कर लें।

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