भगवान महावीर मणिपाल अस्पताल रांची ने फट चुके मस्तिष्क धमनी नली के लिए समय पर उपचार करके नर्स की जान बचाई
समय पर इलाज और उन्नत चिकित्सा सुविधा का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए, भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल्स, रांची के डॉक्टरों ने 45 वर्षीय एक नर्स की जान बचाई, जिन्हें जानलेवा फटा हुआ ब्रेन एन्यूरिज़्म हुआ था। मरीज का इलाज डॉ. विक्रम सिंह, सीनियर कंसल्टेंट – न्यूरोसर्जरी, भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल्स, रांची की देखरेख में किया गया। मरीज को लंबे समय तक आईसीयू में रहना पड़ा, जहां लगातार न्यूरोलॉजिकल निगरानी और कई विशेषज्ञों की संयुक्त टीम द्वारा इलाज किया गया। अक्टूबर महीने में महिला को अचानक तेज सिरदर्द हुआ, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। गंभीर स्थिति में उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां जांच में पता चला कि उन्हें सब-अरैक्नॉइड हैमरेज हुआ है। यह दिमाग में होने वाला गंभीर रक्तस्राव है, जो कमजोर रक्त नली (एन्यूरिज़्म) के फटने से होता है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को WFNS ग्रेड 4 बताया, जो गंभीर ब्रेन इंजरी और उच्च मृत्यु जोखिम को दर्शाता है। जांच में यह भी सामने आया कि मरीज को हाइड्रोसेफेलस था, यानी दिमाग में तरल पदार्थ का खतरनाक रूप से जमा होना, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती थी। एन्यूरिज़्म दिमाग की एक महत्वपूर्ण रक्त नली – राइट पोस्टेरियर कम्यूनिकेटिंग आर्टरी – में पाया गया।
मरीज की एन्यूरिज़्म क्लिपिंग सर्जरी की गई। यह एक जटिल ब्रेन सर्जरी होती है, जिसमें फटी हुई रक्त वाहिका के आधार पर एक छोटी धातु की क्लिप लगाकर रक्तस्राव को रोका जाता है। मस्तिष्क में जमा अतिरिक्त तरल के दबाव को कम करने के लिए एक्सटर्नल वेंट्रिकुलर ड्रेनेज (EVD) लगाया गया, जिससे अस्थायी रूप से तरल निकाला गया। बाद में जब तरल संतुलन की समस्या बनी रही, तो स्थायी रूप से तरल निकासी के लिए शंट डाला गया। सर्जरी के बाद का समय बेहद नाजुक रहा और इस दौरान मरीज को वासोस्पाज्म की समस्या हुई। इसमें मस्तिष्क की रक्त वाहिकाएं अचानक सिकुड़ जाती हैं, जिससे दोबारा ब्रेन इंजरी का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद, दो महीने तक चले लंबे और सघन इलाज के बाद अब मरीज पूरी तरह होश में हैं, मानसिक रूप से सजग हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्या नहीं है। वे चलने, बोलने, सोचने और रोज़मर्रा के सभी काम खुद करने में सक्षम हैं। इतनी गंभीर स्थिति के बाद पूर्ण स्वस्थ होना बहुत ही दुर्लभ माना जाता है।
इस मामले पर बात करते हुए डॉ. विक्रम सिंह, सीनियर कंसल्टेंट – न्यूरोसर्जरी, भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल्स, रांची ने कहा, “फटा हुआ ब्रेन एन्यूरिज़्म चिकित्सा जगत की सबसे गंभीर आपात स्थितियों में से एक है, जहां हर मिनट बेहद अहम होता है। मरीज हमारे पास बहुत ही नाजुक हालत में आई थीं, जहां उनका जीवित बचना भी अनिश्चित था। समय पर जांच, सही समय पर सर्जरी, सतर्क आईसीयू देखभाल और मजबूत टीमवर्क ने इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होकर स्वतंत्र जीवन जीते देखना हमारे लिए बेहद संतोषजनक है।” यह प्रेरणादायक रिकवरी इस बात पर जोर देती है कि अचानक तेज सिरदर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें। भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल्स, रांची गंभीर न्यूरोलॉजिकल मामलों में उन्नत इलाज प्रदान कर, हर सेकंड की अहमियत समझते हुए लगातार जीवन बचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

ग्राहकों की मांग पर यामाहा ने फिर पेश किए मोटोजीपी एडिशन
देवघर मेला में शोर मशाल अभियान के साथ ग्रामीण नवाचार पर एवरेडी ने दांव
निसान मोटर इंडिया की कुल बिक्री जुलाई में 66.5% बढ़ी
वंडर सीमेंट ने 250 मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक राइनो ट्रकों को उतारा सड़क पर, भारत के सबसे लंबे 1,450 किलोमीटर माल ढुलाई कॉरिडोर का होगा विद्युतीकरण
श्याम मैटेलिक्स का एकीकृत शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत बढ़ा ₹1.80 प्रति शेयर अंतरिम लाभांश की घोषणा
टाटा के कल्चर को रखें बरकरार : डीपी नांबियार