मुजफ्फरपुर के गायघाट में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, विधायक और सीओ को झेलना पड़ा आक्रोश
मुजफ्फरपुर के गायघाट में बुधवार को बाढ़ का जायजा लेने पहुंचीं विधायक कोमल सिंह को बाढ़ पीड़ितों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
कांटा कालेज पहुंचीं विधायक के सामने कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत के नाजिरपुर वार्ड-तीन की महिलाओं ने अपनी पीड़ा बताई। महिलाओं ने कहा कि पिछले सात दिनों से घरों में पानी है और वे सड़क पर पालीथिन तानकर रहने को मजबूर हैं।
चूड़ा सत्तू से भर रहे पेट
एक महिला ने विधायक से कहा कि घर में कमर तक पानी है और चापाकल भी डूब गया है। पीने के पानी की समस्या है और करीब 20 परिवार सड़क पर पालीथिन तानकर सो रहे हैं। महिला ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से चूड़ा-सत्तू खाकर पेट भर रहे हैं, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। एक अन्य महिला ने बताया कि पशुओं के लिए चारा नहीं है और बच्चे भूखे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब तक एक पैकेट राहत सामग्री नहीं मिली है। उनका कहना था कि राहत सामग्री कागज पर ही बांटी जा रही है। बाढ़ पीड़ितों का आक्रोश इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंचीं अंचलाधिकारी पुष्प राज को भी लोगों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने राहत वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया। इस दौरान ग्रामीणों का गुस्सा पंचायत के मुखिया के विरुद्ध भी फूटा और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई।

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