झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार का छठा राज्य स्तरीय सम्मेलन सुजीत नारायण प्रसाद का संबोधन
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के छठे राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक न्याय की पहुँच को और अधिक प्रभावी बनाना था। न्यायमूर्ति ने विधिक सेवा स्वयंसेवकों और सचिवों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि कानूनी सहायता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे हर जरूरतमंद व्यक्ति के दरवाजे तक पहुँचना चाहिए।
सम्मेलन के दौरान राज्य भर के कानूनी सेवा केंद्रों की प्रगति की समीक्षा की गई और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। न्यायमूर्ति प्रसाद ने निर्देश दिया कि विचाराधीन कैदियों की रिहाई और मध्यस्थता के माध्यम से मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए। इस कार्यक्रम में २४ जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ ‘न्याय सबके लिए’ के संकल्प को दोहराया गया ताकि झारखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।

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