झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों से भड़की हिंसा व्हाट्सएप मैसेज के कारण एक की मौत
झारखंड के विभिन्न जिलों में व्हाट्सएप पर प्रसारित “संगठित बच्चा चोरी” की झूठी अफवाहों ने हिंसक रूप ले लिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हिंसा तब भड़की जब सोशल मीडिया पर फर्जी संदेशों और वीडियो के माध्यम से दावा किया गया कि बाहरी गिरोह बच्चों का अपहरण करने के लिए सक्रिय हैं। इन आधारहीन अफवाहों के बहकावे में आकर भीड़ ने संदिग्ध दिखने वाले निर्दोष लोगों और अनजान राहगीरों को निशाना बनाया। राज्य पुलिस के अनुसार, इस तरह की घटनाएं राज्य के कई हिस्सों में दर्ज की गई हैं, जहाँ उत्तेजित भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है और नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित सूचना पर विश्वास न करें। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि बच्चा चोरी की कोई भी संगठित घटना राज्य में नहीं हुई है और यह सब अफवाहों का परिणाम है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने भ्रामक सामग्री फैलाने वाले सोशल मीडिया समूहों की निगरानी तेज कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जनता से अनुरोध किया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें, न कि खुद हिंसा का सहारा लें।

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