ग्राम प्रधान की हत्या के विरोध में आदिवासियों ने झारखंड बंद का किया आह्वान
झारखंड के खूंटी जिले में एक ग्राम प्रधान (मुंडा) की नृशंस हत्या के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘झारखंड बंद’ का व्यापक असर देखने को मिला। प्रदर्शनकारी आदिवासी समुदायों ने राज्य के कई हिस्सों में सड़कों पर उतरकर आवागमन बाधित किया और इस हत्या के पीछे के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन के कारण जनजीवन काफी प्रभावित हुआ, जिसमें लंबी दूरी की बसों का संचालन ठप रहा और कई प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ग्राम प्रधानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाएं आदिवासी समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
राजधानी रांची समेत राज्य के अन्य जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने का प्रयास किया। आदिवासी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की और पीड़ित परिवार को उचित न्याय नहीं मिला, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इस बंद के दौरान शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।

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