झारखंड में दलित नेतृत्व के उत्थान के लिए कांग्रेस ने शुरू किया अभियान
कांग्रेस ने राज्य में दलित नेतृत्व को उभारने और उन्हें संगठन से जोड़ने के अभियान की शुरुआत की है। इसी क्रम में रविवार को झारखंड की पुरानी विधानसभा के सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यशाला को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश प्रभारी के राजू ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जहां बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की सोच के अनुरूप दलितों के उत्थान और उन्हें उनके वाजिब अधिकार दिलाने को संकल्पबद्ध है तो वहीं दूसरी तरफ केंद्र की भाजपा सरकार उनके संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार कर रही है। के राजू ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में इस सरकार ने दलितों के लिए बनी योजनाओं की राशि घटाई या उन्हें बंद कर दिया। विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं और सरकार के महत्वपूर्ण निकायों में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व एक साजिश के तहत लगातार घटा दिया गया। कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार पर दलित कल्याण के मुद्दे पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड में अनुसूचित जाति आयोग सक्रिय नहीं है और न ही वित्त निगम का गठन हुआ है। दलित छात्रों के लिए हॉस्टलों की संख्या बेहद कम है। उन्होंने बताया कि जहां आदिवासियों के लिए पूरे प्रदेश में 121 हॉस्टल हैं, वहीं दलित छात्रों के लिए केवल 23 हॉस्टल उपलब्ध हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही दलितों के हितों की पक्षधर रही है और अगर केंद्र सरकार संविधान को कमजोर करने की कोशिश करेगी तो कांग्रेस उसका कड़ा प्रतिरोध करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में दलित नेतृत्व को उचित स्थान मिल सके, इसके लिए रणनीति के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। कार्यशाला में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान, प्रवक्ता निरंजन पासवान, प्रदेश सचिव पप्पू पासवान, प्रवक्ता जगदीश साहू और मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी सहित राज्यभर से अनुसूचित जाति के कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यशाला के प्रतिभागियों के बीच भारतीय संविधान की प्रतियां भी बांटी गईं।

झारखंड उच्च न्यायालय ने सामाजिक बहिष्कार के बीच पहाड़िया जनजाति को सुरक्षा देने का आदेश दिया
झारखंड में मानव तस्करी का गहराता संकट: हजारों बच्चों के लापता होने से बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश बिहार और झारखंड में सत्रह करोड़ की संपत्ति रखने वाला टाइपिस्ट सतर्कता विभाग (विजीलैंस) की जांच के घेरे में
झारखंड का सालाना बजट एक लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा होगा: सीएम हेमंत सोरेन
एनएमडीसी का कोयला खनन क्षेत्र में ऐतिहासिक पदार्पण: झारखंड के टोकीसुद नॉर्थ प्रोजेक्ट में परिचालन शुरू
झारखंड निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू