भारत में मुख कैंसर का बढ़ता खतरा: शराब, तंबाकू और खराब दांतों का घातक प्रभाव
हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, भारत में मुख कैंसर (ओरल कैंसर) के बढ़ते मामलों के लिए शराब का सेवन, धुआंरहित तंबाकू और खराब दंत स्वच्छता मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। इस अध्ययन से यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि लगभग ६२ प्रतिशत मुख कैंसर के मामलों का सीधा संबंध इन आदतों से है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग तंबाकू के साथ शराब का सेवन करते हैं, उनमें इस बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा, मुंह के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और टूटे हुए दांतों से होने वाली निरंतर जलन भी कैंसर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अध्ययन में यह भी रेखांकित किया गया है कि देश में पुरुषों और महिलाओं दोनों के बीच बढ़ती इन आदतों के कारण कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया और तंबाकू व शराब के सेवन को कम नहीं किया गया, तो यह संकट और गहरा सकता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाना और नियमित दंत परीक्षण को प्रोत्साहित करना अनिवार्य है। प्रारंभिक पहचान और रोकथाम के उपायों के माध्यम से इस जानलेवा बीमारी के बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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