बलात्कार हत्या मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने लिया स्वत: संज्ञान पुलिस के सुस्त रवैये पर लगाई फटकार
झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में एक महिला के साथ हुए कथित बलात्कार और फिर उसकी नृशंस हत्या की घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ‘स्वत: संज्ञान’ लिया है। अदालत ने इस मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए और जांच में उनके “सुस्त और लापरवाह रवैये” की कड़ी आलोचना की। न्यायमूर्ति ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों में देरी और लापरवाही न केवल न्याय की प्रक्रिया को बाधित करती है, बल्कि समाज में अपराधियों के हौसले भी बुलंद करती है।
अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक और संबंधित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर कोताही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय का यह हस्तक्षेप पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और राज्य की कानून व्यवस्था को जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई जल्द ही तय की गई है।

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