झारखंड में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने झारखंड में आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियों में बढ़ते जलस्तर और कई पुलों के क्षतिग्रस्त होने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है और राज्य के कई हिस्सों में आवागमन प्रभावित हुआ है।आईएमडी (IMD) रांची के अनुसार, पिछले तीन दिनों में झारखंड में हुई भारी बारिश के कारण भैरवी, दामोदर, स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। रांची में लगातार बारिश के कारण कांके और गेतलसूद बांधों के साथ-साथ तेनुघाट और चांडिल बांधों से भी पानी छोड़ा गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
इस बीच, पिछले तीन दिनों की बारिश में राज्य भर में कई पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों के कई गांवों का अपने संबंधित प्रखंड और जिला मुख्यालयों से संपर्क प्रभावित हुआ है। लोहरदगा जिला सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, जहां कई पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं या बह गए हैं, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। गढ़वा, लातेहार, रामगढ़ और सिमडेगा में भी आवागमन बाधित हुआ है।
मौसम विभाग ने आज सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पलामू और गढ़वा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने सिस्टम के अगले 36 घंटों में झारखंड के पश्चिमी हिस्सों से होकर गुजरने की संभावना है। इसके प्रभाव से आज कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि कल से मौसम की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

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