भारत-रूस के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूती देने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को रूसी शहर कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर वार्ता से पूर्व द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के गर्मजोशी भरे संबंधों को विशेष रूप से रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तीन महीने में उनकी दूसरी यात्रा करीबी समन्वय और गहरी मित्रता को दर्शाती है। वहीं रूसी भाषा में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि हमारे संबंध ऐसे हैं कि आपको (प्रधानमंत्री मोदी) को अनुवाद की आवश्यकता नहीं है।
दोनों नेताओं ने जुलाई 2024 में मॉस्को में अपनी आखिरी बैठक के दौरान लिए गए निर्णयों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने के साथ भारत-रूस संबंधों के संपूर्ण स्पेक्ट्रम की समीक्षा की। उन्होंने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दृष्टिकोण साझा किए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी ने संगठन की रूसी अध्यक्षता की सराहना की और शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ बहुत अच्छी मुलाकात हुई। भारत और रूस के बीच संबंध बहुत गहरे हैं। हमारी बातचीत इस बात पर केंद्रित थी कि विभिन्न क्षेत्रों में हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और अधिक मजबूती कैसे दी जाए।
दोनों नेताओं ने वार्ता के प्रारंभ में वक्तव्य दिया। इसमें प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि दोबारा सरकार में आने के बाद तीन महीने में यह रूस की उनकी दूसरी यात्रा है। यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच करीबी समन्वय और गहरी मित्रता है। वहीं रूसी भाषा में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि हमारे संबंध ऐसे हैं कि आपको अनुवाद की आवश्यकता नहीं है।

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