बच्चा चोरी की अफवाहों से पूरे झारखंड में भड़की हिंसा
झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। २३ फरवरी, २०२६ को प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित फर्जी संदेशों और अफवाहों के कारण उत्तेजित भीड़ ने कई निर्दोष लोगों को निशाना बनाया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चा चोरी की ये खबरें पूरी तरह आधारहीन हैं, फिर भी ग्रामीण और शहरी इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा बलों ने अब तक इस हिंसा के सिलसिले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित सूचना पर विश्वास न करें और कानून को अपने हाथ में न लें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों और हिंसा में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ १९५ और १२६ (एक सौ छब्बीस) जैसी कड़ी कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। जागरूकता फैलाने के लिए स्थानीय स्तर पर लाउडस्पीकर और सामुदायिक बैठकों का सहारा लिया जा रहा है ताकि शांति बहाल की जा सके। यह स्थिति आधुनिक दौर में डिजिटल अफवाहों के खतरनाक प्रभाव और उनके कारण होने वाले सामाजिक असंतोष को रेखांकित करती है।

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