अब WhatsApp से करें बिजली-गैस समेत 30 तरह के बिलों का भुगतान, ऐसे करें पेमेंट
WhatsApp ने भारत में एक नई सुविधा शुरू की है, जिसके तहत यूजर्स अब सीधे ऐप के जरिए अपने सभी यूटिलिटी बिलों का भुगतान कर सकेंगे। इसके आने से लोगों को अलग-अलग बिल चुकाने के लिए कई अलग ऐप्स का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि वे एक ही प्लेटफॉर्म पर अपने बिजली, पानी और गैस जैसे सभी बिल देख और मैनेज कर सकेंगे। यह नया फीचर देश में धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है और आने वाले समय में यह एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म के सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा। यह सर्विस भारत बिल पेमेंट सिस्टम यानी BBPS नेटवर्क पर काम करती है, जिसके जरिए यूजर्स 30 अलग-अलग कैटेगरी के करीब 22,722 बिलर्स तक पहुंच सकते हैं, जिसमें बिजली, पानी और गैस के अलावा इंश्योरेंस प्रीमियम, क्रेडिट कार्ड बिल, FASTag रिचार्ज और लोन ईएमआई चुकाने की सुविधा भी शामिल है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पहले से ही मोबाइल रिचार्ज, मेट्रो टिकट बुकिंग और चैटबॉट के जरिए कई नागरिक सेवाएं दे रहा है और इस नई सर्विस के जुड़ने से इसका दायरा और बढ़ जाएगा। WhatsApp पर बिल पेमेंट करने के लिए सबसे पहले व्हाट्सएप खोलें और ऊपर दिए गए नेविगेशन बार में दिए गए ₹ के आइकन पर टैप करें, इसके बाद अपनी जरूरत के अनुसार बिल की कैटेगरी और संबंधित प्रोवाइडर को चुनें, फिर अपना कंज्यूमर नंबर या अकाउंट आइडेंटिफायर दर्ज करके उसे कन्फर्म करें, इसके बाद ऑटो-फेच होकर आई बिल की डिटेल और बकाया रकम को अच्छी तरह जांच लें, और अंत में पेमेंट पूरा करने के लिए यूपीआई, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड में से अपनी पसंद का विकल्प चुनकर पेमेंट को ऑथराइज करते ही ट्रांजैक्शन पूरा हो जाएगा और आपका बिल जमा हो जाएगा।

जियो के आईपीओ से विदेशी निवेश बढ़ने और RBI के समर्थन से मजबूत हुआ रुपया, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों से चिंता बरकरार
एचडीएफसी बैंक के मुनाफे में 4.7% की बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही में ₹19,510 करोड़ का शुद्ध लाभ
1 नवंबर से नंबर के साथ नाम दिखाई देगा, DoT का नया निर्देश
68% दुर्गा पुजो के दौरान उत्सव के उपहारों की तुलना में प्रियजनों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं: टाटा टी गोल्ड अध्ययन
कोल्हान में टेक्सटाइल एवं गारमेंट पार्क की स्थापना तथा क्षेत्र को ट्रेडिंग हब के रूप में विकसित करने पर रहेगा फोकस
स्टार हेल्थ ने मानसून रोग के जोखिम के बीच झारखंड में घरेलू स्वास्थ्य देखभाल के उपयोग में चार गुना वृद्धि देखी