झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, देशी मागुर को घोषित किया गया राज्य मछली
झारखंड सरकार ने स्थानीय जलीय जीवन के संरक्षण और जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘देशी मागुर’ (वैज्ञानिक नाम: क्लैरियस मागुर ) को आधिकारिक तौर पर झारखंड की ‘राज्य मछली’ (स्टेट फिश) घोषित किया गया है। यह निर्णय ‘आईसीएआर-नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज’ की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है, जिसने इस प्रजाति को राज्य की पहचान के लिए सबसे उपयुक्त माना था। झारखंड की नदियों, तालाबों और आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) में प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली यह कैटफिश बिना पानी के भी हवा से सांस लेने की अपनी अद्भुत क्षमता और बेहद मजबूत शारीरिक बनावट के लिए जानी जाती है, जिससे राज्य में सतत मत्स्य पालन को नई दिशा मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, रांची से जुड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक हलचलों में दो अन्य प्रमुख खबरें भी सामने आई हैं। पहली घटना में, मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसने खुद को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बताते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनकी पत्नी को फोन किया था; जांच में सामने आया है कि इसी नंबर से पहले राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी परेशान किया गया था। दूसरी ओर, झारखंड कांग्रेस ने राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए ‘नेशनल मीडिया टैलेंट हंट’ शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत पूरे राज्य को सात अलग-अलग जोनों में बांटकर उन लोगों की तलाश की जाएगी जो राजनीतिक रूप से जागरूक होने के साथ-साथ पार्टी की विचारधारा और संविधान की गहरी समझ रखते हों।

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