सारंडा में बचे हुए माओवादियों को पकड़ने के लिए झारखंड पुलिस ने शुरू किया पोस्टर अभियान
झारखंड पुलिस ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में सक्रिय बचे हुए माओवादी उग्रवादियों पर नकेल कसने के लिए एक व्यापक ‘पोस्टर अभियान’ शुरू किया है। इस पहल के तहत, पुलिस ने जंगलों के आसपास के गांवों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर वांछित माओवादियों की तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में उग्रवादियों के नाम और उन पर घोषित इनाम की राशि का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, ताकि स्थानीय ग्रामीण उनकी पहचान कर सकें और पुलिस को गुप्त सूचनाएं प्रदान कर सकें।
पुलिस प्रशासन ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति इन उग्रवादियों के बारे में सटीक जानकारी देगा, उसे न केवल इनाम की राशि दी जाएगी, बल्कि उसकी पहचान भी पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। सारंडा जैसे दुर्गम पहाड़ी और जंगली इलाकों में माओवादियों के छिपने के ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए यह एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जनभागीदारी के माध्यम से उग्रवाद के अंतिम अवशेषों को समाप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही, पुलिस ने माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने और सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ का लाभ उठाने की भी अपील की है।

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