वेदांता की सरकार से अपील: निम्न-श्रेणी के लौह अयस्क के संवर्धन के लिए माँगा नीतिगत प्रोत्साहन
वेदांता की लौह अयस्क खनन शाखा, सेसा गोवा ने आगामी बजट में सरकार से निम्न-श्रेणी के लौह अयस्क के संवर्धन (बेनिफिसिएशन) के लिए विशेष नीतिगत प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे में निवेश की मांग की है। संवर्धन एक ऐसी प्रक्रिया है जो कम गुणवत्ता वाले अयस्कों से अशुद्धियों को दूर कर उनमें लोहे की मात्रा बढ़ाती है, जिससे वे इस्पात उत्पादन के लिए उपयुक्त हो जाते हैं। सेसा गोवा के सीईओ नवीन जाजू के अनुसार, भारत के पास इस अयस्क का विशाल भंडार है, लेकिन संवर्धन संयंत्रों की उच्च लागत के कारण इसका उपयोग वर्तमान में काफी कम है।
कंपनी का मानना है कि इस क्षेत्र को बढ़ावा देने से न केवल घरेलू आपूर्ति सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और सरकारी राजस्व में भारी वृद्धि होगी। अनुमान है कि भारत में इस्पात की मांग २०३० तक ३० करोड़ टन तक पहुँच सकती है, जिसे पूरा करने के लिए निम्न-श्रेणी के भंडार का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए वेदांता ने सरकार से शुल्क और नियामक देरी जैसी नीतिगत बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया है ताकि इस प्रसंस्करण को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके।

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