झारखंड में 10 लाख एकड़ कृषि भूमि बेकार हो गई
झारखंड में 10 लाख दो हजार 642 एकड़ कृषि भूमि बेकार हो गई है. यानि 4 लाख 05 हजार 755 हेक्टेयर कृषि भूमि बेकार हुई है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 15 जिलों में 10 हजार से 47 हजार हेक्टेयर तक कृषि भूमि अब अनुपयोगी हो गई है. सरकार के आंकड़ों के अनुसार पश्चिमी सिंहभूम में सबसे अधिक 47159 हेक्टेयर और पूर्वी सिंहभूम में 38219 हेक्टेयर कृषि भूमि बेकार हो गई है. इसके अलावा रांची में 22,888 हेक्टेयर, खूंटी में 11834 हेक्टेयर, लोहरदगा में 25000 हेक्टेयर व गुमला में 32828 हेक्टेयर भूमि बेकार हो गई है. इसके अलावा सिमडेगा में 35176 हेक्टेयर, सरायकेला में 16052 हेक्टेयर, गिरिडीह में 20467 हेक्टेयर, धनबाद में 17070 हेक्टेयर, देवघर में 19004 हेक्टेयर, दुमका में 18159 हेक्टेयर, जामताड़ा में 13650 हेक्टेयर, लातेहार में 14145 और पाकुड़ में 10430 हेक्टेयर कृषि भूमि बेकार हो गई है. राज्य में 14.33 लाख एकड़ है बंजर भूमि राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार राज्य में पांच लाख 80 हजार 52 हेक्टेयर बंजर भूमि है. इसका मतलब 14 लाख 33 हजार 339 एकड़ भूमि बंजर हो गई है. राज्य के 24 जिलों में 10 हजार से लेकर 56 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि बंजर है. पूर्वी सिंहभूम में सबसे अधिक 56,831 होक्टेयर भूमि बंजर है. दूसरे नंबर पर पश्चिमी सिंहभूम है. यहां 53,951 हेक्टेयर भूमि बंजर हो गई है. राजधानी रांची में 24,960 हेक्टेयर भूमि बंजर है

हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस में ‘हॉट एक्सल’ का पता चला झारखंड के टूनिया के पास टला बड़ा हादसा
झारखंड: बोकारो में हाथियों का तांडव एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, दो घायल
झारखंड उच्च न्यायालय ने सामाजिक बहिष्कार के बीच पहाड़िया जनजाति को सुरक्षा देने का आदेश दिया
झारखंड में मानव तस्करी का गहराता संकट: हजारों बच्चों के लापता होने से बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश बिहार और झारखंड में सत्रह करोड़ की संपत्ति रखने वाला टाइपिस्ट सतर्कता विभाग (विजीलैंस) की जांच के घेरे में
झारखंड का सालाना बजट एक लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा होगा: सीएम हेमंत सोरेन