बिहार विधानमंडल का बजट सत्र कल से, तीन मार्च को पेश होगा बजट
बिहार विधानमंडल का बजट सत्र 28 फरवरी यानी शुक्रवार से शुरू हो रहा है। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा और उसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी पेश होगी। एक और दो मार्च को शनिवार-रविवार होने की वजह से सदन की कार्यवाही नहीं होगी। 3 मार्च को बिहार सरकार 2025-26 वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेगी।
बजट सत्र में दो दिन राजकीय विधेयक के लिए भी समय रखा गया है। पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान केंद्रीय सभागार में विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को संबोधित करेंगे। शोक प्रस्ताव के साथ पहले दिन की कार्यवाही समाप्त होगी। चार मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और चर्चा के बाद सरकार का जवाब होगा। 5 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर चर्चा के बाद 6 मार्च को फिर बजट पर चर्चा होगी और फिर सरकार का उत्तर होगा।
6 मार्च को ही वित्तीय वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक बजट को सदन पटल पर रखा जाएगा। 7 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट के अनुदान पर चर्चा होगी और मतदान होगा। 8 मार्च और 9 मार्च शनिवार-रविवार होने के कारण कार्यवाही नहीं होगी।
10 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 के तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा और सरकार का उत्तर होगा। उसी दिन विनियोग विधेयक भी सरकार पेश करेगी।
11 मार्च से 13 मार्च तक वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट के अनुदान मांग पर चर्चा और मतदान होगा। 14 मार्च से 16 मार्च तक बैठकें नहीं होगी। इसमें होली की भी छुट्टी शामिल है। 17 मार्च से 21 मार्च तक वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा और सरकार का उत्तर आयेगा। 22 और 23 मार्च को शनिवार-रविवार होने के कारण बैठक नहीं होगी।
24 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा और सरकार का उत्तर आयेगा। 25 मार्च को राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य होंगे। 26 मार्च को गैर सरकारी सदस्यों के संकल्प पर चर्चा होगी। 27 मार्च को राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय कार्य किए जाएंगे। 28 मार्च को गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा होगी।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए दो कार्य दिवस होंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर चर्चा के लिए दो कार्य दिवस होंगे। वित्तीय वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा और सरकार के उत्तर के लिए एक कार्य दिवस होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के विभिन्न विभागों के अनुदान पर चर्चा और विनियोग विधेयक पर 10 कार्य दिवस होंगे। गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा के लिए दो कार्य दिवस होंगे। राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय कार्य के लिए दो कार्य दिवस निर्धारित किया गया है।

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