झारखंड की आदिवासी महिला फूल कुमारी की सफलता 100 चूजों से शुरू किया कारोबार, अब सालाना 2.23 लाख रुपये की शुद्ध कमाई
झारखंड के गुमला जिले के बोरांग गांव की आदिवासी महिला किसान फूल कुमारी ने मुर्गी पालन के जरिए अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल दी है। वर्ष 2018 में उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), गुमला से मिले प्रशिक्षण और सहायता के बाद महज 100 चूजों के साथ मुर्गी पालन शुरू किया था। इससे पहले उनका परिवार बारिश पर निर्भर खेती से सालाना लगभग 50,000 से 60,000 रुपये ही कमा पाता था। बेहतर नस्ल के चूजों, वैज्ञानिक तरीकों और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उन्होंने धीरे-धीरे अपना कारोबार बढ़ाया। बाद में हैचरी सुविधा मिलने से उन्हें चूजों के उत्पादन और बिक्री का एक अतिरिक्त स्रोत भी मिला। वर्ष 2025-26 में उनके मुर्गी पालन व्यवसाय से 4,48,400 रुपये की कुल आय हुई, जिसमें खर्च घटाने के बाद 2,23,400 रुपये की शुद्ध कमाई हुई।
फूल कुमारी की सफलता का असर अब उनके परिवार से आगे बढ़कर पूरे गांव में दिखाई दे रहा है। उनकी बढ़ी हुई आमदनी से परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिली है और उन्होंने एक ऑटो-रिक्शा भी खरीदा, जिसे उनके पति चलाते हैं। इससे परिवार के लिए आय का एक अतिरिक्त जरिया तैयार हुआ है। सबसे खास बात यह है कि फूल कुमारी से प्रेरित होकर गांव की लगभग 30 अन्य आदिवासी महिलाओं ने भी बेहतर तरीकों से मुर्गी पालन शुरू किया है। इन महिलाओं को इस काम से सालाना लगभग 35,000 से 45,000 रुपये की अतिरिक्त आय होने की सूचना है। फूल कुमारी की कहानी बताती है कि उचित प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बेहतर कृषि पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने समुदाय के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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